
*सुविचार हिंदी मराठी*
१ ) जब संकट रूपी , विनाशकारी तेज बहाव की पाणी की धारा से कोई बहता जा रहा होता है तब ? दुनियादारी दूरसे हॅंस हॅंस के तमाशा देखती रहती है !
मारने वाला है भगवान
बचाने वाला भी भगवान .
२ ) ईश्वरी कृपाप्राप्त माणसे नेसमी प्रसन्न चीत्त आणी हास्यमुख असतात.
३ ) जहाँ भी जावो वहाॅं
शक्ती कमाते रहो , शक्ती से शक्ती मिलाते रहो , ईश्वरी कार्य आगे बढाते रहो !
४ ) ” आकाश पाताळ एक करेन पण ? जिंकल्या शिवाय मी राहणार नाही…” अशी जीद्द मनात असली की ? आपले यश कोणीच रोखू शकत नाही…
५ ) लोकशाही मतलब ?
जिसे जैसा चाहिए वैसा भौंकने का अधिकार…
विशेषतः सज्जन और अच्छा कार्य करने वालों के विरूद्ध….!
६ ) मोदिजी ने बडे बडे जहरीले साॅंपों को आखिर ? झूटा खानेवाले काॅक्रोच ही बना डाला?? मोदिजी…इतनी भी भयंकर दुर्दशा मत करो !
७ ) जितना जादा दुखदर्द पीडा यातना हम भोगते रहते है उतना हमारा पिछले जनम का कर्म कटता जाता रहता है और हम सुख के नजदिक पहुंच जाते है…
इसिलिए आनंद से कर्म भोगते रहेंगे तो निश्चित ही भविष्य मैं फल अच्छा ही मिलकर रहेगा
८ ) हिंदू साथीयों
शक्तिमान बनेंगे ? तभी बचेंगे… सेक्युलर बनेंगे तो ? नामशेष हो जाओगे…
९ ) दिखावे के लिये साधू मत बनो , अंदर से साधू बनो ! परमात्म तत्व जिसने साध लिया वही असली साधू होता है ! फिर उसका भेष कौनसा है यह महत्वपूर्ण नहीं होता है !
*विनोदकुमार महाजन*
