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हम हिंदु सहिष्णु है !
मगर… डरपोक भी नहीं है !!!
( ले : – २१०८ )

विनोदकुमार महाजन
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हम हिंदु सहिष्णु है !
सभी पर पवित्र प्रेम करते है !
सदीयों से ऐसा प्रेम करते आये है !
सभी में एकसमान आत्मतत्व देखकर, सभी में ईश्वर का स्वरूप देखते है !
सभी धर्मीयों का हम सदीयों से मानसंन्मान करते आये है ! सभी को हमारे देश में महत्व देते आये है !

इतिहास साक्ष है !

मगर हम सहिष्णु है,इसका मतलब यह नहीं है की हम डरपोक है !

हम जीस प्रकार से सभी में एकसमान आत्मतत्व देखकर, सभीपर पवित्र प्रेम करते है,
ठीक ऐसी ही अपेक्षा हमें दूसरों से भी करते है !

कहीं ऐसा ना हो की,हम सभीपर प्रेम करते रहे,और दूसरे हमें फँसाते रहे,हमारे साथ षड्यंत्र करते रहे,हमें धोका देते रहें,हमारे साथ कपटनिती का प्रयोग करके,हमारी संस्कृति, धर्म, ईश्वरी सिध्दांत, हमारी आस्था, श्रद्धा पर हमले करते रहें !भाईचारे का नाटक करके हमारे ही अस्तित्व पर प्रहार करते रहे !

ऐसा हम कदापि नहीं सहेंगे !

सोने की चिडिय़ा वाला मेरा सुसंस्कारित देश…आक्रमणकारियों ने भरभरके,लूट करके हमारा धन – वैभव उनके देश में लेते गये !

उन आक्रमणकारियों के कुछ वंशज हमारे देश में आजतक रहते है ! और हम दयालु भाव से,परोपकार भाव से ,सहिष्णुता से,सभी परआज भी प्रेम करते आये है !
यही हमारी सहिष्णुता है !
यही हमारा अलौकिकत्व है !

मगर इतना होने के बावजूद भी हमारे साथ अगर कोई षड्यंत्र करता है,और हमें समाप्त करने की गुप्त रणनीति कोई व्यक्ति, समुह बनाता है… तो…उसे हम क्षमा कतई नहीं करेंगे !

हम …हमारे उपर,वैयक्तिक तौर पर कोई अगर हमला करता है,हमारी नींदा करता है,हमें बदनाम करता है…तो….एकबार हम मानवता के नाते सह भी लेंगे ! उसे क्षमा भी करेंगे !

मगर,
मेरे धर्म,मेरे आदर्श धर्म ग्रंथ संस्कृति, सभ्यता, शालीनता, ईश्वरी सिध्दांत, आदर्शवाद, देवीदेवताओं पर,हमारे महापुरुषों पर,साधुसंतों पर…मेरे देश पर कोई षड्यंत्र करके,गुप्त आक्रमण द्वारा हमें समाप्त करने की,हमें नेस्तनाबूद करने की,हमारा सत्य और ईश्वरनिर्मित सत्य सनातन धर्म, हमारे मठ – मंदिर…
जमीन में गाडने का सपना कोई देखता है… तो….
हम उसे कभी भी क्षमा नहीं करेंगे !ना कर सकते है !
उसको सबक सिखाएंगे !
हमारा कोई घात करता है तो प्रतिघात से हम उसका जवाब देंगे !
इसके लिए समय का इंतजार भी करेंगे !
मगर हमारा अस्तित्व अगर कोई समाप्त करने की कोशिश भी करता है…तो…उसको भी हम मुंहतोड़ जवाब भी देंगे !

जैसे को तैसा !!!
टीट फाँर टैट !!!

अनेक आक्रमणकारियों ने इस देश में बरबरता पूर्वक भयानक उन्माद फैलाकर, अत्याचार किए,इस देश में खून की नदीयां बहाई…उसी जघन्य अत्याचारीयों के नाम हम,हमारे गांव, गली,शहरों को दिये है !हम उन अत्याचारीयों के नाम क्यों देंगे !?

अगर इस देश में आक्रमणकारियों के कुछ वंशज भी रहते है…तो…उनको हमारा संन्मान करने के लिए, हमें न्याय दिलाने के लिए, आगे आना चाहिए और आक्रमणकारियों के नाम हटाने की माँग करनी चाहिए ! इसके लिए हमारे जनजागृति अभियान, जनआंदोलन में बढचढकर हिस्सा लेना चाहिए !
तभी हम समझेंगे की,आप भी सही और असली भाईचारा निभा रहे हैं !

अन्यथा, इसको हम नौटंकी समझकर, हमें गुमराह करने की साजीश समझकर, हम आपसे प्रेम करना छोड देंगे !

देखते है मेरा यह मनोगत मेरे कितने ” भाईलोग ” स्विकार करते है ? और हमारे साथ मानवता का असली, सही,सच्चा नाता जोडते है ?
शायद मेरे सभी धर्मीय मानवतावादी मेरे प्यारे सभी मित्र मुझे जी जान से सहयोग करेंगे, और
” यूगपरिवर्तन ” के हमारे इस अभियान में बढचढकर हिस्सा भी लेंगे !
ऐसी समयानुकूल आशा भी करते है !

हरी ओम्

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