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सोनारी का जागृत कालभैरवनाथ

*सोनारी का कालभैरवनाथ और चमत्कार*

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में एक जागृत स्थान है…
सोनारी का कालभैरवनाथ !
श्रध्दा पूर्वक जो कालभैरवनाथ की उपासना करता है उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है !
अनेक परिवारों का यह कुलदैवत भी है !

मेरा निजी अनुभव यह है की,जब मैं भयंकर आर्थिक मुसीबतों में चारों तरफ से घिर चुका था,तभी मैंने कालभैरवनाथ की खडतर तपस्या की थी!तभी जागृत कालभैरवनाथ ने दृष्टांत में मेरे हाथ में मुर्ती से बाहर आकर धन दिया था ! तभी से मेरी आर्थिक समस्याएं पूरी तरह से समाप्त हो गई ! आजतक मुझे कभी भी आर्थिक समस्या नही आई है !चाहे मैं नौकरी धंदा करूँ या ना करूँ ! मेरे हाथ में धन आता रहता है !

यह एक ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहाँ दर्शन के लिए आनेवाले श्रध्दालुओं को रहने खाने की समस्याओं का सामना करना पडता है !

कुछ दिन पहले यहाँ पर वहाँ के श्री.अभिजीत काले जी ने कुछ ग्रामस्थों के सहयोग से अन्नछत्र आरंभ किया है !
रहने के लिए एक धर्म शाला का निर्माण किया गया है !मगर इसकी अधिक जानकारी नही मिली !

यह एक महत्वपूर्ण तीर्थक्षेत्र होने के नाते यहाँ यात्रियों के लिए तथा श्रद्धालुओं के लिए कम दाम में अथवा निशुल्क रहने खाने की व्यवस्था होनी जरूरी है !

अभिजीत काले उसके लिए प्रयास कर रहे है !
मेरा अभिजीत काले का कालभैरवनाथ की कृपा से सोनारी में ही परिचय हुवा, तो उन्होंने मेरी रहने खाने की,मुक्त में उनके घर में ही सुविधा कर दी ! उनको पैसों के बारें में मैंने पुछा तो उन्होंने मना कर दिया !
उपर से मुझे वहाँ के गुरु गोरक्षनाथ जी के मठ के भी दर्शन करवाये ! साथ ही सभी कार्यों को सफल बनाने वाली माता भद्रकाली के भी दर्शन करवाये ! और हिंगलाज माता के भी दर्शन करवाएं !

ऐसा मार्गदर्शन सभी श्रध्दालुओं को मिलना जरूरी है !

मेरी सभी प्रकार की कार्य सफलता के लिए मैंने कालभैरवनाथ जोगेश्वरी का अभिषेक भी वहाँ के पूजारी द्वारा करवाया !

बडे आनंद की बात यह है की,अभिजीत काले जी ने मेरे वैश्विक ईश्वरी कार्यों में सफलता के लिए वहाँ के स्थानीय महादेव जी का गन्ने के रस से अभिषेक भी करवाया ! और अनेक देवीदेवताओं के लिए मेरे द्वारा हवन भी करवाया ! वह भी निरपेक्ष भाव से !और एक कालभैरवनाथ जोगेश्वरी की प्रतिमा भी मुझे अर्पण की !
मेरे प्रती उनका और उनके सारे परिवार का स्नेह, प्रेम और सेवाभाव देखकर मैं भी हर्षोल्लासित हो गया !
हर एक मंदिर में हर श्रध्दालुओं के लिए ऐसा ही आदर्श व्यवहार हो ऐसी ईश्वर के चरणों में मेरी विनम्र प्रार्थना !

साथीयों, अपेक्षा यह भी है की सोनारी में हर एक रोता हुवा व्यक्ति आयेगा तो हँसता हुवा वापिस जायेगा, ऐसी मेरी धारणा है ! दिनदुखितोंके लिए वहाँ पर रहने खाने की मुक्त में अथवा कम दामों में व्यवस्था हो !
अगर कालभैरवनाथ की इच्छा होगी तो इस कार्य के लिए भविष्य में शायद मेरा भी थोडा बहुत योगदान रहेगा तो मुझे आनंद होगा !

अभिजीत काले जी आज वहाँ पर अनेक दिनदुखितोंके लिए धार्मिक विधी,मंत्र जाप,होमहवन निरपेक्ष भाव से करते है…यह भी हमारा सौभाग्य है !
हमारा भी दाईत्व है की हम भी हमारी कार्यसफलता के बाद वहाँ पर हम भी कुछ धार्मिक सेवाएं जरूर करें !

ओम् कालभैरवाय नम :
हरी ओम् तत् सत्
हरी ओम्

*विनोदकुमार महाजन*

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