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Fri. Oct 9th, 2026

सनातन को मिटाना चाहता है ?

 

*तूम क्या सनातन को* *मिटाओगे ओ* *बाबू…??*
✍️ २८६२

*विनोदकुमार महाजन*

🌞🌞🕉️🚩

*बाबू…ओ बाबू…*
सनातन धर्म को मिटाने की बडी बडी भाषा करनेवाला ? बडबोले बाबू… सनातन धर्म को डेंग्यू , मलेरिया बोलता है… मगर…
तु भी तो एक मच्छर ही तो है ना…?
डेंग्यू मलेरिया फैलाने वाला एक छोटासा मच्छर…
हिंदू समाज को बूरा कहनेवाला एक… मच्छर…?

वैसे तो शायद ? *यह* मच्छर…मच्छरों की प्रजाती में थोडा बडा मच्छर हो सकता है…?

क्योंकी कुछ दिन पहले इस मच्छर का पिता तमीलनाडू का *मुख्यमंत्री* था और मुख्यमंत्री का यह बेटा ..? इतनी अशोभनीय भाषा का प्रयोग करता है ? वह भी सभागृह में ??
आज वह मुख्यमंत्री *माजी* बन गया है…

सनातनीयों की संपूर्ण कृपा से ही और ? सनातनीयों के मतों से…ही ?
मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाला और ? मुख्यमंत्री बननेवाला…
मच्छर…का बेटा ?
आज सनातन को गाली दे रहा है ?

मगर एक बात याद रखना…आजतक
सनातन को मिटाने की भाषा करनेवाले पूर्ण रूप से मीट गये है !

और यह उदय…? चुनाव से पहले भी और चूनाव के बाद भी ?
सनातन धर्म को मिटाने की बडी बडी भाषा करने लगा है ?

और ?
*परिणाम ?* ऐसे आये की…?
वहां के सनातनीयों ने ही सत्ता से उसे बेदखल कर दिया !

तमीलनाडू के मुख्यमंत्री का बेटा…उदयन…
स्टॅलिन…?

समझे ना ?
*छोटासा मच्छर ??*

कुछ दिन पहले , ऐसे ही एक *मच्छराईन ?*
पश्चिम बंगाल की…?
गुप्त एजेंडा चलाकर,
सनातन धर्म को उखाड फेंकने को निकली थी…?
*परीणाम ?*
उसका खुद का तंबू उखड गया और ???
सनातनीयों ने एक होकर उसे सत्ता से ही हटा दिया…!

और आज ? यह बांगलादेश घुसपैठी प्रेमी ?
” *हुंबा हुंबा…तूंबा* *तूंबा…लंबा लंबा…”* ऐसा ही कुछ अनिर्बंध बडबडाने लगी है…पागलों जैसी…?

तो ? तेरा ? तमीलनाडू के सनातनीयों को मिटाने की भाषा बोलने वाला, नक्षली मच्छर का भी एक दिन यही हाल होगा…!

जी… स्टॅलिन…
एक दिन तेरा भी बिल्कुल ऐसा ही हाल होगा !

क्योंकी हिंदू जब जागता है तो ? इतिहास बनाता है !

उदय…?
तू बहुसंख्यक सनातनी हिंदुओं के देश में रहकर ही… सनातन धर्म को समाप्त करने की भाषा बोल रहा है ?

तू…? तो…? तेरा जल्दी ही
*हुंबा हुंबा… तूंबा तूंबा…* होनेवाला है !
अब तेरा यही हाल होगा !

जो जहर तुने आज बोया है , वही जहर तुझे एक दिन खतम करके ही रहेगा !

दुर्देव से तमिळनाडू का बहुतांश हिंदू समाज आज अज्ञान है… मगर एक समय ऐसा भी आयेगा की ? वहां का सनातनी हिंदू जरूर जागेगा !

आज भी वह अंदर से जागने की पूरी कोशिश कर रहा है !
एक शक्तिशाली राजकीय पर्याय ढूंड रहा है ! जो उसे न्याय दे सकें !

मगर दुर्देव से आज ?उसे सही रास्ता दिखाने वाला ? सही मार्गदर्शक नहीं मिल रहा है !

मगर भविष्य में ऐसा शक्तीशाली मार्गदर्शक भी जरूर मिलकर रहेगा… और ? शायद यह दिन भी दूर नहीं दिखाई देता है !

क्योंकी सनातन धर्म को समाप्त करने की जो भाषा उदयन ने बोली है…? वही भाषा एक दिन तमीलनाडू के सनातनी हिंदुओं के अंदर की ज्वाला जगायेगी…!

तमीलनाडू सरकार एक तो पहले से ही भयंकर आर्थिक मुसिबतों के दौर से गूजर रहा है !
इसिलिए मुख्यमंत्री विजय अपने दिये हुए वादे भी ? शायद ?
नहीं निभा सकेगा !
तब…? जनता असलीयत पर जरूर विचार करेगी !

और ऐसे में ? उसे जागने का सही मौका भी मिलेगा !

तमीलनाडू के ८० प्रतिशत सनातनी जब सौ प्रतिशत जागेंगे तो ?
वहां के नकली लोगों की क्या स्थिती बनेगी ?

वहां के सनातनीयों को आज सख्त जरूरत है हिंदी से जोडकर , उनके अंदर का ईश्वरी तेज और हिंदुत्व जगाकर , उन्हे राष्ट्रीय प्रवाह में शामील करने की !

अन्ना मलाई ने वहां पर ऐसा भरपूर प्रयास भी किया था ! मगर और भी जादा प्रयास की और ? जादा जोर लगाने की राष्ट्रवादी शक्तियों को आज सख्त जरूरत है !
शायद हजारो अन्ना मलाई निर्माण होने की जरूरत होगी !

सनातन धर्म वास्तव में एक आदर्श जीवन पध्दती है… *भूतदया* *सिखानेवाली… वसुधैव* *कुटुंबकम्*
बतानेवाली एक आदर्श जीवन पध्दती ? मतलब ? सत्य सनातन धर्म है…!

जो संपूर्ण सजीवों का कल्याण चाहती है…जो संपूर्ण सृष्टीचक्र में सहाय्यक और आधारभूत सिद्ध होती है…!
जो ? सभी सजीवों सहित , सभी जीव जंतुओं पर भी प्रेम करना सिखाती है !

जो स्वयं ईश्वर निर्मित है…!

और इसिलिए…
*आजतक…*
सनातन धर्म को उखाड फेंकने का सपना देखने वाले अनेक हैवान इस पवित्र धरती पर आये और ?
जमीनदोस्त हो गये…
संपूर्णतः उध्वस्त , नेस्तनाबूत हो गये !

*इतिहास साक्षी है…जी हाँ !*

तो तू कौनसा मच्छर होता है…? मंदबुद्धी…उदयन…? बालक ? मच्छर…?
सनातन धर्म को मिटाने वाला ?

तुझे अज्ञानता के कारण , यह भी पता नहीं है शायद..
*संपूर्ण ब्रम्हांड ही* *सनातन है* …
*ईश्वर निर्मित सुर्य , चंद्र* , *धरती भी* *सनातन है…*
*सनातन मतलब ?*
*अविनाशी…*

जिसका कभी भी अंत ही नहीं होनेवाला है…
*यही सनातन है…*

और सनातन की कृपा से ही उदयन तेरी सत्ता के कुर्सी का उदय भी हुवा है… क्योंकी यह संपूर्ण देश भी सनातनीयों का है…!

ईश्वर निर्मित संपूर्ण ब्रम्हांड मतलब ?
सनातन…
तो तू अल्पबुध्दी य:कश्चीत मानव सनातन को क्या समझेगा और क्या मिटायेगा…??

उल्लू दिन में बाहर नहीं निकलते है…रात में बाहर आते है… क्योंकी उनके दृष्टी में दोष होता है…!

ठीक ऐसे ही तुझे सनातन के बारे में दृष्टी दोष हुवा है…!
इसिलिए… ऐसे संपूर्ण विश्व में फैले हुए सनातनीयों का अपमान करनेवाले, अनर्गल विधान कर रहा है…!

उदयन…? तेरी श्वास भी चल रही है ना ? वह भी ईश्वर निर्मित है !
सत्य सनातन का रखवाला ईश्वर निर्मित…!
*जी हाँ !*

और ? तेरी श्वास कब ? कहाॅं ? कैसे चली जायेगी…? यह भी तुझे पता नहीं है…
मगर सनातन निर्माता , ईश्वर को जरूर पता है !

जबतक तेरी श्वास चलती रहेगी ? तबतक ऐसी भाषा बोलता रहेगा…तू… ?
और श्वास रूकते ही… सबकुछ खतम्…??

इसिलिए प्यारे उदयन ऐसी अनावश्यक भाषा का प्रयोग मत करना…!

क्योंकी सनातन अजरामर है और तू ?
मृत्यू लोक में रहता है…!

इसिलिए ईश्वर निर्मित सनातन धर्म को मिटाने की , हटाने की भाषा मत बोल…!
नहीं तो पूरी दुनिया तुझे एक पागल कहेगी…!

*विनाशकाले विपरीत* *बुद्धी:…*

सनातन धर्म सभी पर प्रेम करना सिखाता है , इसिलिए तो ? तू भी सनातनीयों के देश में भी बडे प्रेम से और आनंद से रह सकता है…!

क्योंकी सनातन धर्म सहिष्णुता सिखाता है….!

फिर भी इस देश में कुछ लोगों को सनातन धर्म के बारे में विनावजह इतनी आपत्ती क्यों है ? उनके अंदर इतना जहर क्यों भरा पडा है ?
यह सचमुच में समझ में नहीं आता है !

एक आदर्श संस्कृती ने इनका आखिर क्या बिगाडा है ?
और…?
कानून इनपर तुरंत और कठोर निर्णय क्यों नहीं ले सकता है ? और भेदभाव फैलाने वालों को कठोर दंडित क्यों नहीं करता है ? कोई कुछ भी अनप शनप बोलता रहता है इस देश में ?
विशेषतः हिंदू धर्म के विरूद्ध ?

*क्या यही लोकतंत्र है ?*

तो क्या अब संपूर्ण देश में ही ऐसे विनावजह सामाजिक जहर फैलाने वालों के विरूद्ध हर जगहों पर…
एफ.आय.आर.दर्ज करनी पडेगी ?
ता की आगे कोई ऐसा जहर उगलने की कोशिश भी ना करें ?

और सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी है की , वहां के मुख्यमंत्री अब ऐसे विघटनकारी शक्तियों के विरूद्ध क्या निर्णय लेते है…?

आज की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह भी है की… संपूर्ण विश्व में और विश्व पटल पर ही ईश्वर निर्मित सत्य सनातन धर्म का *उदय* इतने तेजी से
हो रहा है… और ?
तमिळनाडू का ( *मूर्ख* ? ) *उदय*
सनातन धर्म को ? डेंग्यू मलेरिया बोल रहा है…?
जो खुद ही एक डेंग्यू मलेरिया का विषाणू फैलाने वाला एक मच्छर ही है !
जिसपर तुरंत राष्ट्रपती द्वारा सख्त कारवाई की जरूरत है !

इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी है की : – तमीलनाडू के सनातनीयों को कुछ गैर जिम्मेदार व्यक्तीयों ने अपने सत्ता के निजी स्वार्थ के हेतू , अनेक दशकों से…हिंदी , हिंदुत्व और राष्ट्रीयत्व से जानबुझकर दूर रखा है…जकडकर रखा है, जिसमें केंद्र सरकार को अब तुरंत हस्तक्षेप करके वहां के बहुसंख्यक हिंदू समाज को ऐसे चंगूल से और दमनचक्र से तुरंत बाहर नीकालने की , कानूनी कारवाई करनी अनिर्वार्य है , जिस कारण से वहां का हिंदू समाज खुली श्वास भी ले सकें और सच्चाई जान सकें और जाग भी सकें !

*जय सिताराम…*

🚩🚩🚩🌞

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