Warning: ftp_nlist() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 492

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_nlist() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 492

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_mkdir() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 642

Warning: ftp_nlist() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 492

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_nlist() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 492

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_nlist() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 492

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284

Warning: ftp_mkdir() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 642

Warning: ftp_nlist() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 492

Warning: ftp_pwd() expects parameter 1 to be resource, null given in /home/asabein/globalhinduism.online/wp-admin/includes/class-wp-filesystem-ftpext.php on line 284
Fri. Oct 9th, 2026

पाणी पाणी करके…

*पाणी पाणी करके तडपकर* *मर रहा है …?*
✍️ लेखांक : – २५३९

*विनोदकुमार महाजन*

*****************

कोई…
पाणी पाणी करके
तडप तडपकर मर रहा है
तो ? सारी दुनियादारी और ? आज की कलीयुगी
रिश्तेदारी भी ?
पाणी के अभाव से उस तडपकर मरनेवाले को ?
सचमुच में पाणी पिलायेगी ?
या फिर ? उसे पाणी के अभाव से तडपातडपाकर मारेगी ? उसे तडपातडपाकर मारने में ही दुनियादारी को भयंकर राक्षसी आनंद होगा ?
पाणी के अभाव से तडपकर मरनेवाले को ही दुनिया उलटी हँसेगी ?
क्रूर से ?
उस तडपनेवाले को ही पागल करार देगी ?
उसकी तडप समझनेवाला ?
एक भी माई का लाल ?
इस दुनिया में नही होगा ?

कोई मुसिबत की भयंकर आग में तडपकर मर रहा है तो ? उसे सहयोग करने के बजाए , उल्टा उसका ही क्रूरता से मानसिक उत्पीडन
किया जायेगा ?

तो ऐसा व्यक्ती एक तो तडपकर मरेगा ?
या फिर आत्महत्या करेगा ?
या फिर सचमुच में पागल बनकर ही रास्ते पर आयेगा ?

जी हाँ दोस्तो…
यह मेरे देश का वास्तव रहा है…यह मेरे समाज का वास्तव रहा है…मेरे हिंदू धर्म का भी यही वास्तव रहा है…
दुर्दैव से यह सत्य है !
और सभी को स्विकारना ही होगा !

हिंदू धर्म के लिए कार्य करनेवाले अनेक समाज सुधारक , समाज सेवक ,सत्पुरुष ,महापुरुष इन सबकी यही कर्म कहाणी है ?

शिवाजी महाराज , संभाजी महाराज , महाराणा प्रताप , पृथ्वीराज चौहान , जैसे महापुरुषों को ?
सचमुच में कितने हिंदुओं ने साथ दिया ?
कितने हिंदुओं ने उन्हें तडपाया ?

सावरकर , सुभाषचंद्र बोस जैसे महानायकों की भी क्या स्थिति रही ?

इतना ही नहीं तो
संत ज्ञानेश्वर , संत तुकाराम , शंकराचार्य जैसे महापुरुषों को भी हिंदुओं ने नहीं छोडा ?
उनको भी भयंकर नरकयातनाएं दी ⁉❓

क्यों ? क्यों ?? क्यों ???
हिंदू क्यों इतना क्रूर और आत्मघाती होता है ??
है उत्तर ???

और दुर्देव से आज भी ?
हिंदुत्व को बचाने के लिए कोई आगे आ रहा है ?
हिंदुत्व की रक्षा के लिए जी जान से लड रहा है ?
मुसिबतों में अपनी जान डालकर ईश्वरी कार्य कर रहा है ? तो ?

उसका संपूर्ण साथ देने के बजाए ? उसका संपूर्ण सहयोग करने के बजाए ?
उल्टा ? उसके सामने भी मुसिबतों की अनेक दिवारें खडी कर रहा है ?

हिंदू ??
अटल बिहारी वाजपेयी जी को कितने हिंदुओं ने संपूर्ण सहयोग किया ?
और आज भी….???
मोदिजी , योगीजी जैसे महानायकों को कितने प्रतिशत हिंदू सहयोग कर रहे है….?
कुछ सत्ता और संपत्ति के लालची हिंदू ही उन्हें खून के आँसू रूला रहे है ??

हिंदुद्रोही हिंदुओं का अंतिम उत्तर क्या है ? अंतिम इलाज क्या है ? जालीम इलाज क्या है ?

हिंदुत्व को खतम करनेवाले षड्यंत्रकारीयों को , आक्रमणकारियों को , देशद्रोहियों को , चोर – लुटारूओं को ,
कुछ नालायक हिंदू ही साथ दे रहे है तो ?
अंदर बाहर से…
धर्म संकट खडा है तो…
ऐसी विदारक स्थिति में धर्म बचाने वालों का साथ देने के बजाए ,
हिंदू धर्म को बरबाद ,बदनाम करनेवालों के पिछे अपनी सारी शक्ति लगाने वाले नमकहराम हिंदुओं का आखिरी इलाज क्या है ?
और ऐसे बेईमान ,गद्दार ,नमकहरामों का बंदोबस्त भी कैसे किया जाए ?

धर्म द्रोही ?
स्वार्थ के लिए , अज्ञान हिंदू समाज को बरगलाने वाले नमकहरामों का अंतिम इलाज क्या है ?

इसकी काट तो निकालनी ही होगी साथियों ?
कानूनी काट !

ऐसे आस्तीन के साँप धर्म की भयंकर ही नहीं बल्कि अनगिनत हानि कर रहे है !
इसीलिए तुरंत….
साँप भी मरे…
लाठी ना टूटे…
की यशस्वी रणनीति खोजनी होगी !

कुछ अ हिंदू भी…??
हिंदू बनने की भयंकर नौटंकी और साजिश रच रहे है !
इसका भी तुरंत और जालीम इलाज तो ढूंढना ही पडेगा मेरे प्यारे साथियों !

मगर ??
इसके लिए तो ?
चारों तरफ से दरवाजे बंद दिखाई दे रहे है ??
अंधेरा गहरा दिखाई दे रहा है ??
आखिर करें तो क्या करें ?

समय बहुत कम है !
और ? कम समय में ?
काम भी बहुत कुछ करना है ?
और यशस्वी भी होना है !

हिंदुत्व को बचाने की आखिरी यशस्वी काट तो ढुंडनी ही पडेगी !
अंतिम काट तो निकालनी ही पडेगी !

समय विचार करने का नहीं है ! कार्य करने का है !!
यशस्वी होने का भी है !!!

खिंचकर यश प्राप्त करने का भी है !!
जागो हिंदुस्थानी !!

लेख कैसा लगा ?
कुछ चींतन , मनन किया होगा तो ?
हो सके तो ?
उत्तर भी जरूर देना !

नहीं तो ?
पडे रहो !!
विनाश तक !!
दुनिया से ही नेस्तनाबूद होने तक !!

हिंदू ??
कभी नहीं सुधरेगा ?
यह कलंक धो डालना है तो ?
संगठित बनो !
शक्तिशाली बनो !!
वायुगती से सक्रिय बनो !!!

तभी हिंदुत्व बचेगा !

आक्रमणकारियों का ,
आसुरी शक्तियों का ,
राष्ट्रद्रोही ताकतों का ,
जमीन के निचे का षड्यंत्र ?
महाभयानक है !?

सोते रहेंगे तो ?
समाप्त हो जायेंगे !!

अनेक देशों से भागे है !
अंतिम आशा हिंदुस्थान की बची है !
यहाँ से अब ?
कहाँ भागोगे ??

वास्तव और भयंकर विदारक स्थिति को देखकर ,
ह्रदय भी भयंकर घायल होता है !
आँखों में खून के आँसू है !

बहुसंख्य समाज निद्रिस्त है !
बिनधास्त भी है !
बेफिकर भी है !
अज्ञान भी है !

और अज्ञान समाज को ही भटकाया जा रहा है !
चौतरफा भ्रमित किया जा रहा है !

कुछ ?
हिंदू ही ?
हिंदुत्व को समाप्त करने की ? साजिश कर रहे है ?
षड्यंत्र कर हे है ?
सत्य को , संस्कृति को , देवीदेवताओं को बदनाम करने की मुहिम कुछ हिंदू ही चला रहे है…??
यह वास्तव देखकर आत्मा तडप उठती है !
आत्मा काँप उठती है !

भयंकर ! अतिभयंकर !
भयानक ! अतिभयानक !
भयावह है सारे खेल !

अंधकारमय भविष्य से बचने का यशस्वी रास्ता ढुंडो दोस्तों !

जागो !
मेरे प्यारे देशवासियों !
मेरे प्यारे हिंदू साथीयों !

बटेंगे तो कटेंगे !
एक रहेंगे तो नेक रहेंगे !
सोचेंगे तो बचेंगे !

यह देश बहुसंख्यक हिंदुओं का है ! अब हिंदुओं पर हो रहे अन्याय अत्याचार नहीं सहेंगे !
बल्कि एकता से संपन्न – सुसंस्कृत हिंदू राष्ट्र बनाकर रहेंगे !

सोचो और जागो !

जय श्रीकृष्ण !!
।। हरी ओम् ।।

*****************
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Related Post

Translate »
error: Content is protected !!