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सजीवों को कैसे बचायेंगे ??

By Globalhinduism May17,2024
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*सजीव ❓सृष्टि खतरें में ⁉* ✍️ २४९२

*विनोदकुमार महाजन*
{ *अंतरराष्ट्रीय पत्रकार }*

👆👆👆👆👆❓⁉❓

*ग्लोबल वाँर्मींग ??*
भयंकर बढता तापमान !
और असहाय मनुष्य प्राणी !
सैरभैर सजीव !
पाणी का अभाव !
चारों ओर असहाय मानव !
त्रस्त ,परेशान !

क्या यही ईश्वरी प्रकोप है ?
कुदरत के कानून का सही न्याय है ??

संपूर्ण विश्व का मानवसमुह सचमुच में क्या आज खतरे में है ?
मानवप्राणी के अस्तित्व का ही प्रश्न निर्माण हो रहा है ?
इतना ही नहीं तो क्या सचमुच में ईश्वर निर्मित , पृथ्वीनिवासी हर सजीव भी संकट में है ?

*अगर हाँ तो इसका जिम्मेदार* *कौन ?*
*और इसका इलाज क्या है ?*

*क्या इसके लिए केवल और* *मनुष्य प्राणी ही जिम्मेदार* *है ?*
मनुष्य प्राणीयों की अनगिनत और अक्षम्य गलतीयां कारणीभूत है ?

तो संपूर्ण लेख आप सभी को विस्तार से पढना ही होगा ! और ? गहराई से चींतन करके

*निसर्ग बचाव आंदोलन का*
हिस्सेदार बनना ही पडेगा !

*मेरे वैश्विक अभियान का* *हिस्सेदार*बनना ही होगा !

इसके सिवाय पर्याय ही नहीं है !

*अब लेख विस्तार से !*

संपूर्ण धरतीपर उन्मादी , आसुरिक संपत्तीयों ने इतना भयंकर और भयानक , हाहाकार मचा रखा है , की जिसके कारण सब परेशान है ! और इसके कारण चारों तरफ केवल और केवल भयावह परिस्थिति उत्पन्न हो रही है !

इसीलिए संपूर्ण धरती का मानवसमुह खतरें में है !
संपूर्ण सजीव खतरें में है !
कुदरत का कानून खतरे में है !
ईश्वरी सिध्दांत खतरे में है !
पेड ,पौधे , जंगल खतरे में है !

*और उत्तर ??*
ना के बराबर !

सृष्टि और सृष्टीचक्र जाए भाड में ! ईश्वरी सिध्दांतों की ? ऐसी की तैसी ?
लगभग यही माहौल चारों तरफ दिखाई दे रहा है !
फिर भी मनुष्य समुह अपनी मस्ती में है !

*खराब माहौल का उसे कुछ लेना* देना नहीं है ?
*क्या यही वास्तव है ?*

एक उदाहरण देखो !
भयंकर गर्मी के कारण मनुष्य प्राणी परेशान है ! मगर इसका इलाज ढूंडने के लिए कोई तैयार नहीं है !!🤔🤔🤔

🙊🙊🙊🙊🙊

*मगर अब ?*
ऐसे भयंकर खराब माहौल में ,
खुद ईश्वर ने ही धरतीपर अनेक दिव्य आत्माओं को भेजा है !?
क्या आपको ऐसा लगता है ??

सृष्टीचक्र बचाने के लिए दिव्य आत्माएं धरतीपर अवतरित हुई है !?
क्या आप उसमें से एक हो ?

और गुप्त रूप से ऐसी आत्माएं अपना पवित्र कार्य कर रही है !?

*मैं तो सौ प्रतिशत इसी श्रेणी में हूं ही !*
*शुध्द आत्मा !!*
आप जैसा पवित्र आत्मा !!

*मोदिजी और योगीजी भी इसी* *श्रेणी का हिस्सा है !*
और अनेक पुण्यात्माएं भी !

आज अनेक असत्यवादी , और सत्य को केवल गालीयाँ ही देनेवाले नालायक और धूर्त लोग चाहे कुछ भी कहें …
ऐसे लोग यही कहेंगे की ,
१ ) ब्रम्हदेव अपनी बेटी सरस्वती के पिछे क्यों भाग रहा था ?
अथवा
२ ) हनुमान आकाश मार्ग से कैसे गमन कर सकते है ?
या फिर
३ ) संत ज्ञानेश्वर जी ने निर्जीव दिवार कैसे चलाई ? अथवा भैंसों से वेद कैसे कहलवायें ?

मगर सभी असंभव कार्यों को संभव बनानेवाला ईश्वर निर्मित सत्य सनातन धर्म ही है जो इसकी सौ प्रतिशत पुष्टि करता है !
केवल और केवल सनातन धर्म!!
सत्य सनातन धर्म !!

मगर फिर भी नास्तिकों का कोई उत्तर नहीं होता है ! और नाही उनका कभी समाधान हो सकता है !

इसके लिए ,
*उन्हें दुर्लक्षित करके ही आगे*
बढना होगा !

खैर !
अब आते है मूल विषय पर !

दिनबदिन बिगडता सृष्टीचक्र देखकर अनेक पुण्यात्माएं चींतीत है ! और सृष्टीचक्र बचाने की विचारधारा रखते है !

इसके लिए मैं
*खुद तुरंत*
एक राष्ट्रीय तथा वैश्विक अभियान आरंभ कर रहा हूं !

*सृष्टि बचाव आंदोलन !*
*धरती बचाव आंदोलन !*

और
*वृक्ष बचाव वृक्ष बढाव क्रांति* *अभियान !!*

पेड बढेंगे तो ?
खुशहाली बढेगी !
आँक्सीजन बढेगा !
पाणी बढेगा !
मनुष्य प्राणी सहीत संपूर्ण सजीव प्राणी खुशहाल बनेगा !

ईश्वरी सिध्दांतों की ओर मनुष्य प्राणी अवश्य बढेगा !

इसी विषयानुसार
गौमाता कटनी बंद होगी तो ?
उसका आशिर्वाद मिलेगा !
उसके जीवनदान से उसके श्राप से मानवप्राणी बचेगा !
हाहाकार कम होगा !
मानवता बढेगी !
भाईचारा भी बढेगा !
सुसंस्कारों का धन भी बढेगा !

और इससे ईश्वर भी आनंदित होगा !
सृष्टि भी खुशहाल होगी !
सृष्टीचक्र भी नियमित होगा !
संपूर्ण सजीव सृष्टि भी आनंदित होगी !

ईश्वर निर्मित सत्य सनातन की भी जीत होगी !
और अनादी अनंत ईश्वर भी आनंदित होगा !

मेरी हरएक बात आप सभी को मंजूर है ?
तो दिजिए मेरा साथ !?

इसीमें ईश्वरी सिध्दांतों की जीत भी है !
और…?
उन्मादी , हाहाकारी हैवानी शक्तियों की हार भी है !?

इसके लिए
मोदिजी और योगीजी जैसे अनेक पुण्यात्माओं का संपूर्ण सहयोग तो मुझे चाहिए ही !
इसके साथ ही विश्व के सभी राष्ट्रप्रमुखों का भी संपूर्ण और आत्मीय सहयोग भी तो चाहिए ही !

दस दिशाओं से सत्य की अंतिम जीत का क्रांतिकारी बिगुल अब बजाया जायेगा !
हर क्षेत्र में क्रांति की लहर लायी जायेगी !

*इसीलिए तो ?*
*हम सब…।??*
*आये है !!*??

*केवल जितने के लिए !*?

वृक्ष बचाव माध्यम से विश्व के कोने कोने में संस्कृति संवर्धन हेतु , हजारों एकडपर भव्य गुरूकुल आरंभ किए जायेंगे !
हर जगहों पर कामधेनू गौमाता की गौशालाएं आरंभ की जायेगी !

इससे….
धरतीमाता और सृष्टि हरीभरी होगी ! हर इंन्सान सुसंस्कारित होगा ! तभी मानवता भी बढेगी !

*और बढनी हीं चाहिए ?*

इसी कार्य सफलता के लिए मुझे मेरे सद्गुरु आण्णा ने संपूर्ण वरदान दिया है !
और कठोर तपश्चर्या के कारण मुझे अनेक देवीदेवताओं का वरदान और आशीर्वाद भी प्राप्त हुवा है !

*तो क्या ? इसी ईश्वरी कार्य के* *लिए ? आप भी ?*

*संपूर्ण सहयोग ?*
*तन मन धन से संपूर्ण समर्पित*
*भाव से ?*
*ह्रदय के प्रेम से…?*
*नहीं दे सकते ?*

तो करो व्हाट्सएप….?
राय भी बता दो….?
संपूर्ण परिचय भी देना…?

मेरा संपर्क नंबर
( केवल और केवल व्हाटसएप के लिए ! हर फोन उठाना असंभव होगा ! )

8329894106 ( भारत )

*हर हर महादेव!!*

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