Wed. Sep 2nd, 2026

शाबास रे पठ्ठे

शाबास रे धर्म द्रोही हिंदुओं

औरंगजेब से प्यार करनेवालों को सरपर लेकर नाचते हो

और कट्टर सनातनी हिंदुओं से
नफरत करते हो

शाबास रे पठ्ठे बाघों
देश बरबाद करते रहो
धर्म द्रोहिंयों पर प्रेम करते रहो
राष्ट्र प्रेमीयों को अपमानित करते रहो

धन्य है तुम्हारे माता पिता की

मिरची लगी ना पढकर ?
सुधरो,
अभी भी समय है

विनोदकुमार महाजन

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