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शांतीदूत ? नहीं ये है मृत्युदूत ??
✍️ २२२६

विनोदकुमार महाजन

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किसी को शांतीदूत कहने से पहले यह लेख पढिये !
यह शांतीदूत नहीं बल्कि यमदूत है ! मृत्युदूत है !
फिर भी इसे शांतीदूत क्यों कहते है, समझ में नहीं आता है !
कौन ?

कबूतर !!
कैसे ?

कबूतरों का संपर्क और उसकी विष्टा शरीर के लिए भयंकर घातक साबित हो सकती है !

कबुतर यह पक्षी दिखने में साधारण दिखाई देता है ! मगर यही पक्षी आपको 6 महिने के ही अंदर, मृत्यु तक ले जा सकता है !

विश्वास नहीं बैठता है ना ?
मगर यह सत्य है !

कबूतर के संपर्क में रहने वाले की कुछ दिन पहले मृत्यु हो गई !

यह आदमी जहां रहता था,वहाँ के फ्लॅट के खिडकी के निचे, ग्रिल में ac के duct unite के आसपास कबुतर निवास था ! और कबूतर विष्ठा तकरीबन 3 महिनों से वहाँ पर थी !
कबुतरों के अंडा पिल्ले जहां रहते है,वहाँ उस घरोंदे में कबूतरों की विष्ठा रहती थी !

AC से जो हवा घर में आती थी, उसमें से,सुखी विष्ठा में रहने वाले सूक्ष्म जंतू युक्त दुर्गंध घर में आयेगी ,इसकी किसी को भी जानकारी नहीं थी !

कबुतर की विष्ठा ,गंदगी ac के बाहर के outlet से पिछे की जाली से, सिधी घर के अंदर जाती है ! और वहाँ से अंदर आनेवाली पाईप से,घर के अंदर आते है !
खिडकीयां बंद रहेगी तो भी जंतू संसर्ग होता ही है !

ऐसे जंतू पाणी, फिनेल, एसिड, डेटॉल में भी जींदा रहते है !

Report में जो लिखा गया था, उसकी लक्षणे …
अशक्त पण,
सूखी खाँशी,बुखार पेट में दर्द, पसीना आना,
ऑक्झिजन लेव्हल कम होना,
चीडचीडेपण !
विशेष एक लक्षण यह होता है की, अचानक श्वास लगकर हायपर होना !
यह डाँक्टरों की रिपोर्ट है !

अक्यूट हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस ऐसा डाँक्टर ने बता दिया !
यह बिमारी कबुतर विष्ठा के कारण होती है !

Lungs और श्वास नलिका दोनो infected हो गई थी !
Report में 60 % lungs निकामी हो गये थे !

और इसपर कोई भी उपचार पध्दति नहीं है !

एक्यूट हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस में क्या होता है ?

Lungs के अंदर का भाग आकुंचित होता है ! और धिरेधिरे उसकी कार्यक्षमता कम होती है !
रुग्ण को ऑक्सीजन देना पडता है !

विशेष बात यह है की,इसका निदान जल्दी नहीं होता है !
प्रतिकार शक्ती कितनी भी अच्छी हो, effect तो होता ही है !

Lungs प्रत्यारोपण भी आसान नहीं है !

इसिलिए , कबुतर यह पक्षी शांतीदुत नहीं है ! यमदुत है !
घर के आसपास अगर कबूतर रहते है तो…यह भयंकर धोकादायक है !

दूसरे पक्षी प्राणी ,पाणी और मिट्टी mud bath का स्नान करते है ! मगर कबूतर बहुत गंदा पक्षी है !
इसके कारण,रोग संकर पूरे शरीर में लेकर ही कबूतर घूमते रहते है !

इसीलिए हमारे आसपास कबुतरों का वास्तव्य न हो,इसके लिए, जागरूक रहना चाहिए !

मामुली कबुतर से जुडी इक आखों देखी…
सत्य घटना…

” शांतीदूतों से सावधान रहें ! ”

हरी ओम्

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