खुद की आत्मा बेचकर दूसरों के सोने के राजमहाल में कोई कैसे रह सकता है ? स्वाभीमानशून्य और लाचार जीने से मृत्यु भी बेहतर होती है विनोदकुमार महाजन Post Views: 236 Post navigation सत्य वचनगंगामैया आ गई !!!